प्रत्येक मंगलवार · सायं 6:00
सुंदरकांड पाठ
सामूहिक सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा एवं महाआरती। पाठ के उपरांत प्रसाद वितरण।
गंगा जगद्गुरु धाम, ग्वालियर
गंगा जगद्गुरु धाम अखाड़ा परिषद
हनुमत कृपा से हर संकट का हरण
Hanuman devotion, katha and satsang in Gwalior
ग्वालियर में गुरुजी के सान्निध्य में प्रतिदिन दर्शन, श्री हनुमान कथा, सुंदरकांड पाठ एवं साप्ताहिक सत्संग का आयोजन होता है। भक्तगण व्यक्तिगत परामर्श, कुंडली विचार एवं गृह शांति हेतु समय पूर्व निर्धारित कर सकते हैं।
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श्री हनुमान जी के दर्शन
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गुरुजी आनंदेश्वर महाराज
गुरुजी आनंदेश्वर महाराज का समस्त जीवन श्री हनुमान जी की भक्ति एवं जनसेवा को समर्पित रहा है। बाल्यकाल से ही रामनाम एवं हनुमत उपासना की ओर उनका सहज झुकाव रहा, और साधना-काल में उन्होंने वर्षों तक अनुष्ठान, जप एवं सेवा का व्रत निभाया।
ग्वालियर एवं आसपास के अंचलों में उन्होंने सैकड़ों श्री हनुमान कथाओं, सुंदरकांड पाठों एवं सत्संगों का आयोजन किया है। उनके सान्निध्य में प्रत्येक मंगलवार सुंदरकांड और प्रत्येक शनिवार सत्संग नियमित रूप से होता है, जिसमें सैकड़ों भक्त सम्मिलित होते हैं।
गंगा जगद्गुरु धाम अखाड़ा परिषद के अंतर्गत अन्नदान, भंडारा, वस्त्र वितरण एवं निर्धन परिवारों की सहायता जैसी सेवाएँ निरंतर चलती रहती हैं। गुरुजी का मानना है कि भक्ति तभी पूर्ण होती है जब वह सेवा का रूप ले।
भक्तगण व्यक्तिगत परामर्श, कुंडली विचार, गृह शांति एवं मंगल कार्यों के मुहूर्त हेतु उनके दर्शन कर सकते हैं।
“जहाँ हनुमत का नाम है, वहाँ भय का कोई स्थान नहीं। सेवा ही सच्ची साधना है।”
कार्यक्रम
Programs and upcoming katha
प्रत्येक मंगलवार · सायं 6:00
सामूहिक सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा एवं महाआरती। पाठ के उपरांत प्रसाद वितरण।
गंगा जगद्गुरु धाम, ग्वालियर
प्रत्येक शनिवार · सायं 6:00
गुरुजी के मुखारविंद से रामकथा प्रसंग, भजन एवं भक्तों की जिज्ञासाओं का समाधान।
गंगा जगद्गुरु धाम, ग्वालियर
पूर्णिमा · प्रातः 8:00
पूर्णिमा तिथि पर 108 बार हनुमान चालीसा का सामूहिक महापाठ एवं चोला शृंगार।
गंगा जगद्गुरु धाम, ग्वालियर
आगामी आयोजन · तीन दिवसीय
तीन दिवसीय श्री हनुमान कथा एवं भंडारा। तिथि की घोषणा शीघ्र — व्हाट्सएप पर सूचना प्राप्त करें।
ग्वालियर, मध्य प्रदेश
अपने नगर या घर पर कथा हेतु निमंत्रण
श्री हनुमान कथा, सुंदरकांड पाठ अथवा सत्संग हेतु गुरुजी को आमंत्रित करें।
कार्यक्रम सूचनाएँ व्हाट्सएप पर पाएँ
आगामी कथा, भंडारा, पूर्णिमा महोत्सव एवं विशेष दर्शन की घोषणाएँ सबसे पहले ग्रुप में मिलती हैं।
पंचांग
Annual vrat & festival calendar
वर्ष भर के प्रमुख व्रत, पर्व एवं तिथियों की सूची। स्पष्ट रूप से देखने के लिए चित्र पर स्पर्श करें अथवा नीचे दिए लिंक से पूरा पंचांग खोलें।
पूरा पंचांग देखेंपाठ संग्रह
Daily paath and aarti
दोहा
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। काँधे मूँज जनेऊ साजै॥
संकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग बंदन॥
बिद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया॥
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा॥
भीम रूप धरि असुर सँहारे। रामचंद्र के काज सँवारे॥
लाय सजीवन लखन जियाये। श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा॥
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते। कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा॥
तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेस्वर भए सब जग जाना॥
जुग सहस्र जोजन पर भानू। लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥
दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥
राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥
सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रच्छक काहू को डर ना॥
आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हाँक तें काँपै॥
भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै॥
नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥
सब पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकल तुम साजा॥
और मनोरथ जो कोइ लावै। सोइ अमित जीवन फल पावै॥
चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा॥
साधु संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे॥
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता॥
राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा॥
तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम जनम के दुख बिसरावै॥
अंत काल रघुबर पुर जाई। जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई॥
और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्ब सुख करई॥
संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥
जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाईं॥
जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महा सुख होई॥
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥
दोहा
पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥
॥ जय श्री राम ॥
गैलरी
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सेवा एवं दान
Seva and donation
₹ 501
निर्धन परिवारों एवं भक्तों हेतु प्रसाद व भोजन सेवा।
₹ 2100
पूर्णिमा एवं विशेष पर्वों पर सामूहिक भंडारा।
₹ 1100
श्री हनुमान जी को चोला, शृंगार एवं ध्वजा अर्पण।
आपकी श्रद्धा
जो भी श्रद्धा हो, वह सेवा में स्वीकार है।
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ग्वालियर, मध्य प्रदेश